Donald Trump की सरकार ने भारत पर 50% का tariff लगाया है और उसका जवाब पीएम मोदी सरकार ने भी अच्छे से दिया है। पीएम मोदी की दो टुक नीति से यह साफ हो जाता है कि भारत अमेरिका द्वारा यह टैरिफ का दबाव नहीं सहन करेगा।
आज की चर्चा में हम tariff क्या होता है? और क्यों देश को पड़ती है इसकी जरूरत? किस देश ने भारत पर सबसे ज्यादा लगाया टैरिफ?
शशि थरूर ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर 50% टैरिफ लगाने पर फटकारा, आदि सभी विषयों पर चर्चा करेंगे और जानेंगे कि भारत के साथ इस समय कौन-कौन से देश जुड़े हैं।
“डोनाल्ड ट्रंप का फैसला अनुचित अन्यायपूर्ण और तर्कहीन” – पीएम मोदी का दो टूक बयान!
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर बुधवार को 50% तक टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है जिसके बाद भारत की ओर से विदेश मंत्रालय द्वारा एक एडवाइजरी जारी करके डोनाल्ड ट्रंप को फटकार लगाई गई और कहा कि “डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन है।
इसके अलावा यह भी बयान जारी किया गया कि “भारत जो भी करता है 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कदम उठाता है। यह सरकार द्वारा साफ किया गया है कि रूस द्वारा तेल का आयात पूरी तरह से बाजारी खरीदारी पर आधारित है और राष्ट्रीय के हित में यह फैसला लिया जाता है। भारत अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा, जो करना है कर लो, हम झुकने वाले नहीं है।”
क्या होता है टैरिफ? (Tariff meaning)
टैरिफ शब्द अरबी की भाषा के शब्द “ta’rif” से लिया गया है जिसका अर्थ सूचना स्पष्टीकरण और जानकारी है। दरअसल टैरिफ सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टर से अपने देश में आयात किए गए उत्पादों पर लगाए जाने वाला एक टैक्स है।
अमेरिका में भारतीय वस्तुओं के आयात पर 50% तक टैरिफ लगाया जाएगा। पहले भारत पर अमेरिका द्वारा 10% का टैरिफ लगाया जाता था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया है जिससे अमेरिका में भारतीय वस्तुएं महंगी हो जाएगी।
उदाहरण के लिए यदि कोई भारतीय वस्तु अमेरिकी बाजार में ₹200 की मिल रही है तो नई टैरिफ नियम के मुताबिक उस अमेरिकी बाजार में 250 में बेचा जाएगा और ₹50 अमेरिकी सरकार में टैरिफ के तौर पर जमा होंगे।
इससे यह होगा कि भारतीय समान की कीमत बढ़ने से वस्तुओं की खरीद कम हो जाएगी क्योंकि स्थानीय स्तर पर वही उत्पादन कम कीमत पर उपलब्ध रहेगा। इससे भारत व्यापारिक तौर पर बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा।
भारत भी अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए अत्यधिक टैरिफ – शशि थरूर का बयान!
भारतीय राजनेता और पॉलीटिकल स्पीकर शशि थरूर ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को अनुचित बताया और इसे अमेरिका की ओर से भारत के प्रति असंवेदनशील विचारधारा करार दिया।
शशि थरूर ने मीडिया से बात करते हुए यह बयान दिया कि “यदि अमेरिका भारत पर 50% टैरिफ लगाएगा तो अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्तुएं 50% महंगी हो जाएगी और ऐसे में कोई क्यों भारतीय वस्तुओं को महंगी कीमतों पर खरीदना चाहेगा? यह बिल्कुल अनुचित है और भारत को भी जवाब में अमेरिकी वस्तुओं पर 50% का टैक्स लगाना चाहिए।”
इतना ही नहीं बल्कि शशि थरूर ने यह भी करार दिया कि “यदि अमेरिका भारत के साथ संबंध स्थापित नहीं करना चाहते हैं तो भारत को भी अमेरिका की जरूरत नहीं है।” यदि देखा जाए तो दुनिया भर से अमेरिका ने ही भारत पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया है।
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ दादागिरी के बाद भारत को इन देशों का मिला साथ!
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा होने के पश्चात भारत ने भी इसे अनुचित तर्कहीन और अन्याय पूर्ण करार दिया है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप की इस दादागिरी को पांच देशों ने नहीं माना है जिसमें भारत समेत ब्राजील, चीन,कनाडा और दक्षिण अफ़्रीका शामिल हैं। यह देश डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ दबाव के आगे तो नहीं झुके लेकिन इन देशों को भारी टैरिफ चुकाना पड़ रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में 30% तक का टैरिफ लगाया हुआ है जबकि कनाडा में अमेरिका द्वारा 35% तक का भारी तारीफ लगाया गया है जिसमें कुछ चीजों पर छूट प्रदान की गई है और 10% तक का टैरिफ लगाया जाता है।
ब्राजील में भी यूनाइटेड स्टेट्स द्वारा 50% तक का टैरिफ लगाया जा रहा है लेकिन कनाडा की तरह ही ब्राजील की कुछ वस्तुओं पर भी 10% तक का टैरिफ लगाने की अनुमति है। अमेरिका ने चीन पर सबसे ज्यादा 30% तक का टैरिफ लगाया हुआ है और अमेरिका और चीन के बीच सबसे ज्यादा टैरिफ को लेकर युद्ध छिड़ रहता है।
वहीं भारत की बात की जाए तो भारतीय डेयरी उत्पादों में अमेरिका द्वारा 26 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाता था और व्यापारिक वार्ता के बावजूद इसमें केवल एक प्रतिशत की कमी आई है जिसके तहत अब 25% तक का टैरिफ लगाया जा रहा है।