Nimisha Priya केरल के पलक्कड़ के निवासी है और पेशे से एक भारतीय नर्स है। निमिषा साल 2008 में नौकरी करने की सिलसिले में यमन गई थी।
कई सालों तक यमन के कई अस्पताल में काम करने के बाद निमिषा India वापस अपने राज्य केरल आई। साल 2011 में उन्होंने टॉमी थॉमस नामक शख्स से शादी की। निमिषा और टॉमी की एक बेटी है जो अभी केरल में रह रही है।
Yamen में रहते हुए उनकी मुलाकात वही के नागरिक तलाल अब्दो महदी से हुई और बाद में वर्ष 2015 ने दोनों ने मिलकर एक मेडिकल क्लिनिक खोला। दरअसल यमन के कानून के अनुसार विदेशी को क्लिनिक खोलने की इजाज़त नहीं मिलती, उसके लिए वही के नागरिक के साथ की जरुरत थी।
निमिषा प्रिया को लेकर क्या है पूरा मामला?
साल 2017 में महदी की डेड बॉडी वॉटर टैंक से प्राप्त हुई और उसकी हत्या का आरोप भारतीय नर्स ने Nimisha Priya पर लगा। निमिषा प्रिया पर महदी को नींद की दवा का अधिक डोज देने, उन्हें मारने और शव को छुपाने का आरोप लगाया गया है।
महदी का शव मिलने के 1 महीने बाद Nimisha Priya को यमन सऊदी अरब की सीमा से गिरफ्तार कर लिया गया। निमिषा के वकील ने कोर्ट में यह दावा किया कि तलाल अब्दो महदी ने निमिषा प्रिया का शारीरिक शोषण किया था और उनका पासपोर्ट भी जब्त कर उन्हें धमकाया गया था।
हालांकि इन सब के बाद महदी के भाइयों ने निमिषा द्वारा उनके भाई पर लगाए आरोपों को मानने से इनकार कर दिया। वर्ष 2020 में यमन की राजधानी सना की अदालत द्वारा निमिषा को मौत की सजा देने का फरमान जारी किया गया तथा 2023 में भी यमन सरकार की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फैसले को बरकरार रखा गया। वर्तमान में निमिषा प्रिया यमन की राजधानी सना स्थित जेल में बंद है।
भारत की तरफ से की गयी निमिषा प्रिया को बचने की कोशिश
बताते चले कि भारत की तरफ से कई कोशिश की जा रही है निमिषा को बचने की, इसी कोशिश में “blood money” के लिए भी तलाल अब्दो महदी के परिवार से बात की जा रही थी। Blood money यानि उस victim परिवार को पैसो का ऑफर देना सजा माफ़ी के बदले।
हाल ही में अपनी social media post के जरिये तलाल अब्दो महदी के भाई ने कहा की निमिषा प्रिया को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाये)।
निमिषा प्रिया को अब नहीं मिलेगी मौत की सजा? ग्रैंड मुफ्ती ने किया दावा!
Nimisha Priya case- यमन सरकार ने भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाने की अनुमति जाहिर की थी। निमिषा प्रिया पर पहले मौत की सजा को लेकर तारीख से चल रही थी और 16 जुलाई 2025 को उन्हें मौत की सजा मिलने वाली थी लेकिन अब इसे भी रद्द कर दिया गया है।
केरल के ग्रैंड मुफ्ती कंथापुरम एपी अबुबकर मुसलियार के कार्यालय की ओर से यह बयान जारी किया गया है कि Nimisha Priya को जो मौत की सजा मिलने वाली थी वह पहले टल गई थी लेकिन अब सजा को रद्द कर दिया गया है।
ग्रैंड मुफ्ती के किया दांवे का सच
इस बयान के तुरंत बाद ही न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रैंड मुफ्ती के Nimisha Priya को मिलने वाली मौत की सजा रद्द होने के बयान को खारिज कर दिया। इसके अलावा भारतीय केंद्र सरकार और यमन सरकार की ओर से भी किसी भी तरह की निमिषा प्रिया की मौत सजा को लेकर आधिकारिक जानकारी पेश नहीं की गई है।
यह भी पढ़े- Economist Dr. Radhika Pandey का 46 साल की उम्र मे आकस्मिक निधन
ग्रैंड मुफ्ती के करीबी ने जारी किया निमिषा किया प्रिया की मौत से ज्यादा होने का बयान!
केरल के ग्रैंड मुफ्ती कंथापुरम एपी अबुबकर मुसलियार के बेहद करीबी अनुयायी जवाद मुस्तफावी ने एक बयान जारी करते हुए यह दावा किया कि यमन की राजधानी सना में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी जिसके अंतर्गत निमिषा प्रिया केस पर गंभीर वार्तालाप हुए जिसके परिणाम के तहत निमिषा प्रिया की मौत की टली हुई सजा को रद्द कर दिया गया और यह सब ग्रैंड मुफ्ती के हस्तक्षेप के बाद हुआ है।
दरअसल ग्रैंड मुफ्ती ने यमन के लोकप्रिय सूफी विद्वान शेख उमर हफीज जंगल से Nimisha Priya के मामले को लेकर अनुरोध किया था। दोनों के बीच बातचीत के बाद मध्यस्थ वार्ता तय की गई जिसमें अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों और यमन के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था जिसके तहत Nimisha Priya की मौत की सजा रद्द करने का फैसला लिया गया।
Nimisha Priya case में अभी भारतीय सरकार और यमन सरकार दोनों का ही आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभी भी निमिषा की सजा को बरकरार रखा गया।