Ganesh Chaturthi 2025 : भगवान गणेश 10 दिनों के लिए धरती पर विराजमान होने के लिए आ रहे हैं। यह पर गणेश चतुर्थी कहलाता है जिसे हिंदू धर्म में बेहद मान्यता दी जाती है। चलिए जानते हैं ज्ञान और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की स्थापना कब कर सकेंगे और उनका विसर्जन कार्यक्रम किस दिन रखा जाएगा।
गणपति उत्सव क्यों मनाया जाता है?
भाद्रपद मास (अगस्त–सितंबर) की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह त्यौहार विघ्नहर्ता भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
गणेश उत्सव कैसे शुरू हुआ?
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव की शुरुआत की थी। 1893 में महाराष्ट्र में यह उत्सव सबसे पहले मनाया गया था और आज तक मनाया जा रहा है। वैसे तो आज हर घर में गणेश जी का जन्म उत्सव मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में इस त्यौहार का एक अलग ही माहौल होता है।
इस साल 2025 Ganesh Chaturthi कब है?
भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान, सुख-समृद्धि और रिद्धि सिद्धि का देवता माना जाता है। कहां जाता है कि Ganesh Chaturthi पर भगवान गणेश के आगमन से ही नकारात्मक ऊर्जा चली जाती है और खुशहाली एवं शांति का वास होता है।
गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी इस साल 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी का यही दिन भगवान गणेश के घर में स्थापना के लिए तय किया गया है। गणेश चतुर्थी इस साल 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:54 पर शुरू होगी और अगले दिन 27 अगस्त 2025 को 3:44 पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में उदय तिथि के अनुसार मंदिरों और घर में गणेश जी की स्थापना 27 अगस्त 2025 को ही की जाएगी।
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की स्थापना करने और पूजा विधि प्रारंभ करने का शुभ मुहूर्त सुबह 11:23 मिनट से लेकर दोपहर 1:54 मिनट तक रहेगा। सभी भक्तजन इस शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की आराधना कर सकते हैं। भगवान गणेश की पूजा सामग्री में विशेष रूप से मोदक एवं दूर्वा घास होना जरूरी है।
गणेश विसर्जन कब है 2025?
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मंदिरों और घर में स्थापना की जाती है। वही गणेश विसर्जन के दिन देवता गणेश को हर्षोल्लास एवं नम आंखों के साथ चतुर्थी से करीब 10 दिन बाद गणेश विसर्जन के दिन नदी धारा में भगवान गणेश की मूर्ति को विसर्जित किया जाता है।
गणेश विसर्जन इस बार 6 सितंबर 2025 को मनाया जाएगा। कई लोग आसपास नदी या धार ना होने के कारण घर में साफ तब या बर्तन में जल भर के विधि अनुसार भगवान गणेश की मूर्ति को जल में डूबा कर उनका विसर्जन कर सकते हैं।
कैसे हुआ भगवान गणेश जी का जन्म? क्या है उनके जन्म से जुड़ी कहानी?
हिंदू पौराणिक कथा अनुसार माता पार्वती ने अपने शरीर के हल्दी के लेपन से भगवान गणेश को आकार देखकर उन्हें जीवन दान दिया था। माता पार्वती ने स्नान करने से पहले भगवान गणेश को उनके गर्भगृह पर निगरानी रखने को कहा था।
हालांकि जब भगवान शिव लौटे तो भगवान गणेश ने उन्हें माता पार्वती की गर्भगृह में प्रवेश करने नहीं दिया जिसके परिणाम स्वरुप भगवान शिव ने क्रोध में आकर भगवान गणेश का सर काट दिया लेकिन जब माता पार्वती ने यह स्थिति देखी तो वह बेहद क्रोधित हुई और माता पार्वती को शांत करने के लिए क्षमा रूप में भगवान शिव ने एक हाथी का सर भगवान गणेश के धड़ पर लगा दिया।
भगवान शिव ने भगवान गणेश को यह वरदान दिया कि वह प्रथम पूज्य देवता है और जग में विघ्नहर्ता के रूप में जाने जाएंगे। अतः इसी तरह भगवान गणेश का जन्म हुआ।