Mountain trekking या पहाड़ पर चढ़ना एक रूचि हो सकती है लेकिन ध्यान ना रखा जाए तो यह एक इंटरेस्टिंग सफर दुर्घटना में भी बदल सकता है। आज हम आपको पहाड़ पर चढ़ते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आगे संबंधित जानकारी लेकर आए हैं।
पहाड़ पर चढ़ते समय इन 10 मुख्य बातों का रखें ध्यान!
पहाड़ी इलाकों में अक्सर रास्ते सीधे नहीं होते हैं। पहाड़ी क्षेत्र के रोड बड़े-बड़े उबर खाबर पत्थरों से बने होते हैं इसलिए इस पर चलना कठिन होता है। खराब मौसम के कारण पहाड़ पर चढ़ने और भी मुश्किल हो जाता है इसीलिए टूरिस्ट को हमेशा कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखें ही पहाड़ की चढ़ाई करनी चाहिए।
1. शारीरिक तैयारी (Physical Prepar for Climbing)
Mountain climbing या पहाड़ चढ़ने में सबसे पहले यात्री को शारीरिक रूप से शरीर को तैयार होना होता है। अधिकतर पहाड़ी क्षेत्रो में कई किलोमीटर तक लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है।
Hiking से पैर दर्द और कमर दर्द की आम समस्या बन जाती है ऐसे में यात्री को यात्रा पर जाने से 20 दिन पहले ही 5-6 किलोमीटर तक पैदल चलने की आदत बना लेनी चाहिए।
यदि ज्यादा ही खतरनाक पहाड़ी क्षेत्र जैसे अधिक उबड़ खाबड़, बर्फीला और फिसलन भरा रास्ता है तो यात्री को यात्रा पर जाने से पहले एक महीने पहले back और leg की हैवी एक्सरसाइज करनी चाहिए।
2. मौसम की जानकारी (Weather information)
पहाड़ों पर मौसम हमेशा ठंडा और बर्फीला रहता है लेकिन यह वर्षा और शरद ऋतु में और भी खतरनाक हो जाता है जिससे पहाड़ों पर चढ़ना मुश्किल होता है।
यदि आप बर्फीली जगह जैसे केदारनाथ, वैष्णो देवी, मनाली और दार्जिलिंग, अमरनाथ जैसे पहाड़ी क्षेत्र की यात्रा करते हैं तो आप यात्रा पर जाने से पहले संबंधित क्षेत्र की सरकार, श्राइन बोर्ड और भारतीय मौसम विभाग की उस क्षेत्र को लेकर लेटेस्ट जानकारी को ध्यान में रखें।
3. धीरे-धीरे चढ़ाई चढ़े (Climb Slowly)
पहाड़ो पर चढ़ते समय अपने शरीर का ध्यान रखे और धीरे-धीरे चढ़ाई चढ़े। ऐसा करने से लम्बी दूरी तय करने में ज्यादा थकन नहीं लगती और किसी तरह की शारीरिक परेशानी भी नहीं झेलनी पड़ती।
किसी भी तरह का shortcut न ले। जो track चलने के लिए बनाया गया है उसी में चले. Shortcut के चक्कर में तीव्र ढाल वाले रस्ते न चुने क्योकि पहाड़ी चैत्र जोखिमपूर्ण होते है ऐसे में दुर्घटना होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
यह भी पढ़े- 5 Low Cost Foreign Destinations: जहां घूमना Indian Travelers के लिए है आसान
4. अपने साथ एक लकड़ी रखें
पहाड़ी रास्ता पर चलते समय आपके सहारे की जरूरत पड़ सकती है इसलिए आप एक मोटी लकड़ी का इस्तेमाल करें जिसको आप जमीन पर टिककर सहारा ले सकते हैं और इससे चढाई चढ़ने में आसानी होती है।
5. फर्स्ट एड बॉक्स न भूले (First Aid Box)
पहाड़ी रास्तों पर कम ऑक्सीजन की वजह से सांस लेने में दिक्कत होना, पैरों और हाथों में चोट तथा ठंड की वजह से हाथों का लाल एवं जकड़न होना आदि समस्याओं को देखा जाता है।
यात्रा पर जाने से पहले एक फर्स्ट एड बॉक्स जरूर तैयार करें जिसमें सर्दी जुकाम, लूज मोशन, उल्टी एवं डिहाईड्रेशन जैसी सभी दवाइयां मौजूद हो और मरहम-पट्टी के लिए एंटीसेप्टिक क्रीम, पट्टी और रूई आदि सभी चीज मौजूद हो।
6. रेनकोट और गर्म कपड़े (Raincoat and Winter Cloths)
पहाड़ी क्षेत्रों पर अक्सर 12 महीने ठंड का मौसम रहता ही है तथा गर्मियों के दिनों में भी वातावरण में ठंडक बनी रहती है। यदि आप वर्षा ऋतु और शरद ऋतु में यात्रा कर रहे हैं तो आपको अपने साथ रेनकोट और गर्म कपड़े जरूर रखना चाहिए।
यात्रा ट्रैक पर चलने के दौरान एक छोटा सा बैग जरूर होना चाहिए जिसमें शॉल, एक्स्ट्रा जुराब और थर्मल का कपड़ा मौजूद हो। पहाड़ी ट्रक पर चलने के दौरान शरीर को संभालना आवश्यक हो जाता है जिस वजह से बार-बार छाता नहीं पकड़ सकते इसलिए अपने साथ रेनकोट रखें ताकि बेमौसम बारिश में आपको छाते की जरूरत ना पड़े।
7. एक स्नैक बॉक्स (Snacks)
पहाड़ों पर कई किलोमीटर तक लंबा चलना पड़ सकता है और चलने से भूख भी तेज लगती है। पहाड़ी क्षेत्रों पर ज्यादातर दुकानें ऊपरी सतह पर नहीं होती है इसलिए उस समय भूख से बचाव के लिए अपने साथ एक स्नेक्स का बॉक्स जरूर रखें। स्नैक्स के बॉक्स में ज्यादातर एनर्जी लाने वाली चीज जैसे जूस, प्रोटीन बार और कुछ मीठा व्यंजन रखें क्योंकि इससे तुरंत एनर्जी मिल सकती है और शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बैलेंस में रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों पर अक्सर लो बीपी की समस्या देखी जाती है तथा मीठा व्यंजन का सेवन करने से इस समस्या से बचा जा सकता है।
8. नया फुटवियर ना पहने
पहाड़ी क्षेत्रों पर यात्रा करने वाले यात्रियों से यह खासकर अनुरोध किया जाता है कि वह यात्रा ट्रैक पर चलने के दौरान नए फुटवियर न पहने क्योंकि नए फुटवियर पैरों का आकार लेने में वक्त लगाते हैं तथा ऐसे में गड़बड़ी रास्ते पर नए जूते पहनना समस्या उत्पन्न कर सकता है।
9. एक्स्ट्रा खाली पॉलिथीन या बैग (Carry Polythene Bags)
अब अगर आप पहाड़ी क्षेत्र पर जा रहे हैं और आप यदि अपने साथ Snacks रखते हैं तो उसके खाली पैकेट को आप एक्स्ट्रा खाली पॉलिथीन में रख सकते हैं। अगर आपके पास एक खाली बैग है तो आप यात्रा करने के दौरान किसी चीज की खरीदारी करते हैं तो उसे भी आप अपने बैग में आसानी से रख सकते हैं।
10. सतर्क रहें
पहाड़ी क्षेत्र पर चलते समय अक्सर सतर्कता बनाए रखें क्योंकि चट्टानों एवं भूस्खलन की समस्या अचानक उत्पन्न होती है इसलिए सड़क की स्थिति को देखते रहे। इतना ही नहीं बल्कि जंगली वन्य जीव की आहट का भी ध्यान रखें।