Dharmasthala Case: क्या है सामूहिक दफ़नाने का पूरा मामला? आइये जानते है

Dharmasthala Case– कर्नाटक के मंगलुरु जिले के स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल Dharmasthala में इंसानियत को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां पर कई वर्षो पहले के निर्दोष महिलाओ एवं बच्चियों के नर कंकाल मिले है।

जिनकी हत्या कर उनको दफना दिया गया। कुछ के शरीर पर बलात्कार और हिंसा के निशान इस भयावह घटना की ओर इशारा करते है।

प्रसिद्ध तीर्थस्थल Dharmasthala में 1995 से 2014 तक मंदिर प्रशासन के एक पूर्व कर्मचारी ने यह दावा किया है कि इस घटना को उसने कुछ प्रभावशाली लोगो के दवाब में आकर अंजाम दिया है। तो आइये जानते है क्या है इस भयावह घटना का सच

क्या है धर्मस्थल सामूहिक दफ़नाने का मामला (Dharmasthala mass burial case)

कर्नाटक में धर्मस्थल मंदिर से जुड़े इस मामले खुलासा 4 जुलाई को किसी फिल्म की कहानी की तरह हुआ जब एक शिकायतकर्ता जो कि धर्मस्थल में 1995 से 2014 तक सफाई कर्मचारी था ने थाने में अपनी शिकायत दर्ज़ करवाई।

उसने बताया कि उसे कई शवों को दफ़नाने के लिए मजबूर किया गया। आरोपी ने बताया की जिनकी हत्या हुई उनमे से मुख्यत: महिलाये और छात्राएं थी।

साथ ही बताया कि उसने जिन महिलाओं और बच्चियों को दफनाया है उनमे से कई के साथ बलात्कार हुआ था। आरोपी ने जुलाई 3 को शिकायत दर्ज करवाई जिसके आधार पर 4 जुलाई को FIR दर्ज़ की गयी।

शिकायतकर्ता ने अपने दावे में कहा कि जब उसके अपने किसी रिश्तेदार के ऊपर हमला हुआ तो उसके बाद उसको शहर छोड़कर भागना पड़ा।

Special Investigation Team (SIT) की भूमिका

इस खुलासे के बाद कर्नाटक सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए 19 जुलाई को SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया। शिकायतकर्ता ने SIT को अपने बयान में बताया कि उसने किस प्रकार एवं कहा शवों को दफनाया।

इसके बाद SIT शिकायतकर्ता को धर्मस्थल के स्नान घाट ले गई जहां पूर्व सफाई कर्मचारी द्वारा बताये गए संभावित स्थलों की खुदाई शुरू कर दी गयी।

आरोपित द्वारा बताये गए 15 संभावित स्थलों में 5 स्थलों में SIT को कुछ खास हाथ नहीं लगा लेकिन 6वे स्थल में 3 से 4 फुट गहराई में खुदाई करने पर कुछ मानव अस्थिया मिली है जो किसी सम्भवत: किसी पुरुष की हो सकती है।

स्थल की खुदाई और मिले प्रमाण

घटना स्थल पर लाल कलर का ब्लाउज़, पैन कार्ड और ATM कार्ड भी मिले है। जाँच दल ने पैन कार्ड वाले व्यक्ति के परिवार का पता लगा लिया है जो किसी सुरेश नाम के व्यक्ति का है जिसकी मार्च 2025 में पीलिया के कारण मृत्यु हो गयी थी।

मृतक सुरेश के पिता ने पुष्टि की है की यह पैन कार्ड उनके बेटे का ही है। मृतक के पिता बताया की वह शराब पीने का आदी था। SIT को शक है कि जब वह धर्मस्थल गया होगा तब उसने अपना पैन कार्ड वही खो दिया होगा जो उन्हें अब जाँच के दौरान मिला है।

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Dharmasthala Case में DNA और फॉरेंसिक

कर्नाटक के धर्मस्थल का मामला अब जाँच का केंद्र बिंदु बन गया है। आरोपित द्वारा किये गए दावों को और मिले हुए सबूतों की जाँच के लिए अब DNA और फोरेंसिक जाँच की सबसे अहम् भूमिका होने वाली है।

6वे स्थल से जो अवशेष मिला है उसकी डीएनए जाँच से ही स्पष्ट होगा की यह अवशेष किसी महिला का ही है या फिर किसी पुरुष का है। फोरेंसिक जाँच से हड्डियों और लिंग की सही पहचान हो सकती है साथ ही साथ कपड़ो और मिट्टी की लैब टेस्टिंग से ही सच सामने आएगा।

इस केस में गवाह के आरोप गंभीर हैं अब DNA जाँच से ही यह साबित होगा की आखिरकार सच्चाई क्या है और क्या आरोपित द्वारा लगाये गए आरोप सही है या फिर कहानी कुछ और ही है। 

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